घर के छोटे से कोने में करे इस खास नस्ल की बकरी का पालन, बहुत से कम समय में आपको गरीबी को करेंगी दूर

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beetal bakri

घर के छोटे से कोने में करे इस खास नस्ल की बकरी का पालन, बहुत से कम समय में आपको गरीबी को करेंगी दूर। इन दिनों किसान ने अपनी आय में वृद्धि के लिए नया रास्ता ढूंढ लिया है। अब वह पशुपालन कर अपनी आय में वृद्धि कर रहा है। आज हम आपको बकरी की खास नस्ल के बारे में बताने जा रहे है।

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बहुत ही खास है बीटल बकरी की नस्ल

हम आपको जिस खास नस्ल की बकरी के बारे में बताने जा रहे है उस बकरी की नस्ल का नाम बीटल है। यह बकरी एक घरेलू बकरी है। इसे लाहौरी बकरी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बतादे बीटल बकरी की नस्लें, जिन्हें ज्यादातर दूध और मांस के लिए पाला जाता है। बीटल बकरी की शुरुआत भारत के पंजाब शहर से हुई है। आप इन सब बातों में ध्यान में रखकर इस खास बकरी की पहचान कर सकते है।

बीटल नस्ल की बकरी की ऐसे करे पहचान

  • इस नस्ल की बकरी रोमन नाक के साथ उनका सर विशाल और चौड़ा होता है। लंबे आकार के पैर और कान होते हैं।
  • एक बीटल बकरा लगभग 50 से 70 किलो के बीच में होता है।
  • वही एक बकरी 40 से 60 किलो के बीच में होती है। इनमें प्रति दिन 1.5 से 4 किलोग्राम दूध देने की क्षमता भी होती है।
  • ज्यादातर बीटल सफेद आंख के होते हैं।
  • बीटल खुद को किसी भी वातावरण और जलवायु के साथ आसानी से अपना सकती है।
  • बीटल के लंबे सपाट झुके हुए कान होते हैं जो लगभग 18 – 25 सेमी लंबे होते हैं। पहली गर्भाधान की औसत आयु 18 महीने है।
  • बीटल डेढ़ साल में दो बार बच्चे देती है। बीटल बकरी ज्यादातर दो बच्चे देती है।

बीटल नस्ल की बकरी की ऐसे करे व्यवस्था

अगर आप भी इस बकरी का पालन करते है तो आपको ऐसी जगह चुननी होंगी जहां नमी न हो और आसपास खुला मैदान हो ताकि आप बकरियों को भोजन में हरा चारा खिला सकें। इसके साथ ही शुद्ध हवा और पीने का पानी हो तो बकरी पालने और खाने-पीने का खर्चा कम से कम हो और आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। आप उतनी ही बकरी का पालन करे जितने की व्यवस्था आप कर सकते हो। आपको इनकी बीमारी का भी विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ेगा।

बीटल नस्ल की बकरी का यह है चारा

आपको बता दे कि बीटल नस्ल सामान्य चराई के बजाय झाड़ियों, पेड़ के पत्तों और घास के शीर्ष पर ब्राउज़ करती है| बकरियों के चारे में हरि पत्ती का प्रयोग अवश्य करें, यह उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है और साथ ही हम उन्हें ग्वार का भूसा, मूंगफली का भूसा आदि भी दे सकते हैं। पाले जाने वाली बकरियों में विभिन्न प्रकार के रोग भी हो सकते हैं, जैसे अतिसार, अतिसार आदि रोग, जिनकी रोकथाम के लिए टीकाकरण का प्रयोग किया जाता है।

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बीटल नस्ल की बकरी की कीमत है काफी ज्यादा

इस बकरी के कीमत के बारे में बताये तो आपको बता दे की बाजार में बीटल बकरी ₹25000 से 30000 के आसपास बिकती है। इस बकरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है की बीटल बकरियां प्रति दिन 1.5 से 4 किलोग्राम दूध देने की क्षमता होती है इसलिए बीटल बकरियां डेयरी उत्पादन के लिए सबसे अच्छी बकरियों में से एक हैं, और वे सबसे अच्छी मांस बकरी की नस्लों में से एक हैं। लेकिन लोग अपनी रुचि के लिए बीटल बकरी रखते हैं, वे पालतू जानवर के रूप में उपयोग करते हैं और उनका उपयोग आय के लिए किया जा सकता है। आप इन बीटल को पालतू जानवर के रूप में बेचने के लिए प्रजनन कर सकते हैं, या आप उन्हें दूध देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

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